मुझे यह बताते हुए हर्ष एवं गौरव का अनुभव हो रहा है कि हमें श्रद्धेय श्री शिवकुमार चौधरी जी पर एक विशेषांक प्रकाशित करने का सुअवसर प्राप्त हुआ है। उनके द्वारा स्थापित आदर्श, संस्कार एवं समाज सेवा का अमूल्य योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। वे असंख्य लोगों के लिए प्रेरणा के स्रोत रहे हैं और आने वाली पीढ़ियों को भी निरंतर प्रेरित करते रहेंगे।
इस पत्रिका के माध्यम से उनके विचारों एवं संस्कारों को जन-जन तक पहुँचाने का यह मेरा एक विनम्र प्रयास है, ताकि विशेष रूप से युवा पीढ़ी उनके जीवन से प्रेरणा ग्रहण कर सके। मेरा दृढ़ विश्वास है कि यह पत्रिका प्रत्येक उस परिवार तक पहुँचे, जो “प्रतिभा” से प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ है। साथ ही, जो भी व्यक्ति “प्रतिभा” से जुड़ता है, उसे इस प्रकाशन के माध्यम से अवश्य जोड़ा जाना चाहिए।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि श्रद्धेय श्री शिवकुमार चौधरी जी पर आधारित यह विशेषांक आपको न केवल पसंद आएगा, बल्कि “प्रतिभा” के माध्यम से इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। मेरा यह भी मानना है कि “प्रतिभा” के सहयोग के बिना इस पत्रिका का व्यापक प्रसार संभव नहीं हो पाता।
साथ ही, मैं “प्रतिभा” वेबसाइट एवं “शिव दृष्टि” का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ, जिनसे प्राप्त महत्वपूर्ण जानकारियों के आधार पर ही मैं इस विशेषांक को प्रभावी रूप में प्रस्तुत कर सका हूँ।
साथ ही, इस अंक में उन्हीं व्यक्तित्वों की कवर स्टोरी प्रकाशित की गई है, जो “प्रतिभा” के उद्देश्यों एवं कार्यों में सार्थक योगदान दे सकें और समाज के लिए उपयोगी सिद्ध हों।
आपसे निवेदन है कि इस अंक के संबंध में अपने अमूल्य सुझाव एवं प्रतिक्रिया हमें अवश्य प्रदान करें। आप अपनी प्रतिक्रिया कॉल या ईमेल के माध्यम से साझा कर सकते हैं।
